हमारे सातों संसद हुए तो प्रधानमंत्री से दिल्ली के काम करवा लेंगे – CM अरविन्द केजरीवाल

आम आदमी पार्टी ने रविवार से लोकसभा चुनावों के लिए अपना बहुचर्चित डोर टू डोर अभियान अर्थात घर-घर जाकर जनसंपर्क शुरू कर दिया। इस अभियान के ज़रिये दिल्ली सरकार के कामकाज के बारे में जनता से फीडबैक लिया जाएगा और चुनाव लड़ने के लिए जनता से चंदा लिया जाएगा।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार सुबह अपने विधानसभा क्षेत्र नई दिल्ली से इस कैंपेन को लॉन्च किया। इस कैंपेन के तहत अगले चार महीने के दौरान पार्टी के कार्यकर्ताओं की 3 हजार टीमें घर-घर जाकर लोगों से आने वाले लोकसभा चुनावों में आप को वोट देने की अपील करेंगी। साथ ही पार्टी के लिए चंदा भी इकट्ठा किया जाएगा।

सीएम अपने सहयोगियों के साथ के गोल मार्केट इलाके में पहुंचे और यहां राजा बाजार स्थित खंडेलवान दिगंबर जैन मंदिर कंपाउंड में बने लोगों के घरों में जाकर उनसे पार्टी को चंदा और वोट देने की अपील की। सीएम को अपने बीच पाकर लोग भी काफी खुश और उत्साहित नजर आए। खासतौर से युवाओं और बच्चों में सीएम के साथ सेल्फी लेने की होड़ मची हुई थी।

सीएम ने लोगों के घर कुछ देर रुककर परिवार के सदस्यों से बातचीत की और उन्हें समझाया कि उन्हें यह कैंपेन चलाने की जरूरत क्यों पड़ रही है। बीच-बीच में वह मीडिया से भी बात करते रहे। सीएम ने साफ कहा कि दिल्ली में तो सीधा मुकाबला आप और बीजेपी के बीच ही है। कांग्रेस को वोट देने का मतलब बीजेपी को वोट देना है। हम लोगों को यही समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि वो सोच समझकर वोट दें।

केजरीवाल ने बताया कि पूरी दिल्ली में आज से डोर टु डोर कैंपेन शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में दिल्ली सरकार के काम से लोग बहुत खुश हैं। इन क्षेत्रों में काफी क्रांतिकारी काम हुआ है, जिसकी तारीफ दिल्ली और देश में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में हो रही है। कुछ लोगों को गलतफहमी है कि लोकसभा का चुनाव प्रधानमंत्री का चुनाव होता है।

सीएम केजरीवाल ने कहा कि इस कैंपेन के दौरान वे लोगों को समझाएंगे कि पिछली बार उन्होंने बीजेपी के जिन सातों सांसदों को जिताया था, उन्होंने दिल्ली के लिए एक भी अच्छा काम नहीं किया। उन्होंने सिर्फ एलजी के पास जाकर दिल्ली में विकास के काम रुकवाए। उन्होंने कैमरे नहीं लगने दिए, डोर स्टेप डिलिवरी में अड़चनें डालीं, मोहल्ला क्लिनिक नहीं बनने दिए, स्कूल बनने से रोके। वे लोगों को बताएंगे कि सातों एमपी आम आदमी पार्टी के होंगे, तो दिल्ली में तेजी से काम होते। प्रधानमंत्री जो भी बने, उससे अपना काम करवा के ले आएंगे।

साभार: नवभारत टाइम्स

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