दिल्ली सरकार ने कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की सैलरी वापिस बढ़ाई

दिल्ली सरकार द्वारा बढ़ाए गए मिनिमम वेजेस पर हाईकोर्ट द्वारा रोक लगाने के बाद दिल्ली कैबिनेट की विशेष बैठक में दिल्ली सरकार के अधीन काम करने वाले कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की सैलरी कम नहीं होने देने का फैसला किया गया । दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों, पीएसयू, बोर्ड, अकादमी, कॉरपोरेशंस, स्वायत्त संस्थानों में कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को अब वहीं मिनिमम वेज मिला करेगा, जो 4 अगस्त 2018 से पहले मिला करता था।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इससे संबंधित एक फैसले को मंजूरी दे दी गई।

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कैबिनेट के फैसले के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मार्च 2017 में दिल्ली सरकार ने तमाम मुश्किलों के बाद मजदूरों के मिनिमम वेज में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की थी, जिससे कॉन्ट्रैक्ट व डेली वेजिज कर्मचारियों का वेतन 9 हजार से बढ़कर 13 से 14 हजार तक हो गया था। स्कूलों में काम करने वाले सिक्यॉरिटी गार्ड, सफाई कर्मचारियों को 12 से 12500 रुपये मिलने लगे थे। परन्तु अगस्त 2018 में कुछ तकनीकी कारणों से दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार के इस फैसले से जुड़े नोटिफिकेशन पर रोक लगा दी। जिसकी वजह से प्राइवेट कंपनियों के साथ-साथ दिल्ली सरकार के अधीन विभागों में कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों की सैलरी भी कम हो गई थी।

दिल्ली सरकार के कई विभागों ने हाई कोर्ट के फैसले के एक से दो महीने बाद कर्मचारियों का वेतन कम किया और दो महीने का वेतन भी काट लिया था।

मनीष सिसोदिया के अनुसार पिछले दिनों यह कर्मचारी आकर मिले थे, स्कूलों में कई सिक्यॉरिटी गार्ड, सफाई कर्मचारियों और अन्य कर्मियों ने बताया कि उनकी सैलरी कम हो गई है। कुछ कर्मचारियों ने ये भी बताया कि चूंकि इसे अगस्त से लागू किया गया, इसलिए अक्टूबर की सैलरी में अगस्त और सितंबर की घटी हुई सैलरी को जोड़कर ये रकम काट ली गई। जिसके चलते कर्मचारियों को बेहद असुवधा हो रही है।

इसे देखते हुए दिल्ली सरकार ने ये फैसला लिया है कि इन कर्मचारियों की सैलरी कम नहीं होने दी जाएगी। इन्हें बढ़ी हुई न्यूनतम मजदूरी की दर पर ही सैलरी मिलती रहेगी। बल्कि जिनकी सैलरी कट गई है उन्हें अगले महीने की सैलरी में इसे वापस किया जाएगा।

 

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